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सिंहासन और लकड़बघ्घे -डॉ.नन्द लाल मेहता 'वागीश '

सिंहासन और  लक्कड़बघ्घे -डॉ.नन्द लाल मेहता 'वागीश ' सिंहासन की ओर न देखो  लक्कड़बघ्घों ! तुम इसके हकदार नहीं हो ! (१ ) तुम क्या जानो सिंहासन को,      महाप्राणक कर्त्तापन को  .          यह है प्रचंड अग्निसार ,         दाहक ज्वाला अतिदुस्तर ,     पार करोगे ?पास तुम्हारे     इसका कोई उपचार नहीं है। (२ ) मृत शिकार को खाने वाले ,       लम्पट उमर बिताने वाले ,       वर्णसंकर सुख पाने वाले ,          क्या जाने सिंहासन -संसद ,      भारतवर्ष सुशासन क्या है !      इसका सौम्य सुवासन क्या है !  (३ )द्रुपद -सुता सी परम पावनी ,      है भारत की अपनी संसद ,      राष्ट्र निरंतर करता चिंतन ,      संवादन अरु प्रति -संवादन ,      सूत्र -विचारण और निर्णयन।      इसी से निर्मित है रचना मन ,      भार...

कोर्ट के निर्णय को धकियाते , हो जाती जब टै टै टैम। संसद बनी रखैल है ,इनकी खड़गे -सुरजे हो गए जैम।

हिन्दू  न मुसलमान ,बस किसान और जवान , बने मेरे देश की पहचान , तब सच्चे अर्थों में भारत बने महान। .............................. राजनीति की नौटंकी चलती रहती है , कभी हंसाये कभी रुलाये , मौसम तो बदला करता है। सुख -दुःख दोनों संग चले हैं , जीवन कब ठहरा करता है। कर्म करो नहीं फल की चिंता , फल तो खुद मिलता रहता है। ................................................. जीत गए तो हम जीते हैं हार गए तो ईवीएम , बिलकुल शेष नहीं है शेम। देश सुरक्षा  गई भाड़ में राफेल बन गया इनका गेम, संविधान से खेले नित -उत नामचीन हुआ है नेम। कोर्ट के निर्णय को धकियाते ,  हो जाती जब  टै टै टैम। संसद बनी रखैल है ,इनकी  खड़गे -सुरजे हो गए जैम।  लीला -पुरुष खड़ा हतप्रभ है ,फिर भी करता इनसे प्रेम। प्रस्तुति :वीरुभाई (वीरेंद्र शर्मा )

FOOD & DRINK Why Fit Guys Can Still Eat Pizza(hindi )

इतालवी पराठा  हो या पिज़्ज़ा ,पास्ता हो या कोई और इतालवी खाद्य बेहद स्वादु होता है मगर ठहरिये -देखिये ये कैसे अनाज का बना है मोटे या परिष्कृत ,होल ग्रेन इस्तेमाल हुआ है इसका क्रस्ट ,ललचाऊ बाहरी आवरण तैयार करने में या फिर परिष्कृत।  नथुनों में भर जाती है इसकी महक और खूशबूएं लेकिन यह आपके हाथ में है : आप कितना पोर्शन खाते हैं। कैसा क्रस्ट  खाते हैं -एक चौथाई  ,या आठवां हिस्सा  फुल साइज़ पिज़ा का ,थिन  क्रस्ट का आर्डर देते हैं या थिक का ,कितनी और कैसी  चटनी और लाल मिर्ची का इस्तेमाल करते हैं। रेड चिली फ्लेक्स मेटाबोलिस्म को अपचयन की दर को बढ़ा देती है। टमाटर की चटनी (सॉस )पौरुष ग्रंथि के कैंसे  के खतरे को काम कर सकती है। पौष्टिक पिज़्ज़ा यदि अल्पांश में ही खाया जाए इसके साथ पैकेज के चक्क्रों से कोला पेयों से बचा जाए तब यह दिल और दिमाग के लिए आघात के खतरों के वजन को कम भी कर सकता है। ऐसा होगा तभी जब आप खाद्य रेशों से भर-पूर होल ग्रेन क्रस्ट का ही आर्डर देंगें। ये रेशे आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखेंगे ,आवश्यक रेशों की उपलब...

ताकि उसे कोई रँडुवा न कहे

ताकि उसे कोई रँडुवा न कहे  आप सोच रहे होंगे ये 'उसे 'कौन है ,वही है जिसकी पैरवी कपिल सिब्बल कर रहें हैं अनिल अम्बानी के साथ मिलकर जो षड्यंत्र कर रहा है।  और स्पष्ट कर दें जो 'गांधी'  की 'केंचुल' उतार कर अब 'कॉल' और' दत्तात्रेय' हो गया है। जनेऊ पहनने लगा है और अपने को हिन्दू कहने कहलवाने में वह गर्व महसूस कर रहा है। प्रसंगवश बत्लादें 'कॉल' का एक अर्थ तंत्र -विद्या में में पारंगत भी होता है ,तांत्रिक भी होता है।   उसने (राहुल )अपनी अम्मा  से कहा ये झूठ बोलने का बोझ बहुत बढ़ गया है जो आपने मुझे विधिवत बोलना सिखाया है और गांधी और झूठ साथ -साथ नहीं चलते इसीलिए मैं कॉल हो गया क्योंकि झूठ बोलना तो मैं छोड़ नहीं सकता। इसीलिए मैंने गांधी उपनाम छोड़ दिया। अब मैं राहुल दत्तात्रेय हो गया।  'राहुल 'राहुल पंडित ,राहुल दत्तात्रेय कहलाएं हम भी यही चाहते हैं। यह काम आसान और प्रामाणिक तरीके से हो सकता है। अगर सुप्रीम कोर्ट के ये तीनों उकील नुमा कपिल -मनीष -सिंघवी मिलकर प्रयास करें और राहुल को और उनकी अम्मा को राजी कर लें राहुल अपने गुप्त विवाह क...

करतारपुर कॉरिडोर और डायलॉग दो अलग अलग मसले हैं :पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद सीमा पर बंद हो तो बातचीत हो

इमरान खान  - फोटो : ani करतारपुर कॉरिडोर और डायलॉग दो अलग अलग मसले हैं :पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद सीमा पर बंद हो तो बातचीत हो  भारत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अपनी सीमा के करीब स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी वहां पहुंचे हुए हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और हरसिमरत कौर बादल अटारी-वाघा बॉर्डर से इस कार्यक्रम में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि मैं इस यात्रा का हिस्सा बनकर सुखद महसूस कर रहा हूं। सालों बाद आज में करतारपुर साहिब के दर्शन करुंगा और इसके लिए मैं दोनों देशों का आभारी हूं। इमरान भी हुए भावुक, कहा पाकिस्तान में हिंदुस्तान खड़ा है सिद्धू की तारीफ करते हुए कार्यक्रम में इमरान खान भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि आज लग रहा है कि पाकिस्तान में  हिंदुस्तान खड़ा है। उन्होंने कहा कि मैंने 21 साल क्रिकेट खेला और 22 साल सियासत की और इन वर्षों...

दिल्ली की जहरीली हवा छोटे-छोटे बच्चों को बना रही है डायबिटिक

नई दिल्ली:  दिल्ली में  वायु प्रदूषण  का स्तर गुरुवार को भी खतरनाक रहा। सुबह पूरी दिल्ली स्मॉग में ढंकी थी। दिल्ली में प्रदूषण अब आम बात हो गई है...लेकिन इसके जो आफ्टर इफैक्ट हैं....वो बेहद डराने वाले हैं। अब तक मेडिकल साइंस में ये माना जाता है कि डायबीटीज की बड़ी बजह हेरिडिट्री है, खाने-पीने में गड़बड़ी और लाइफ स्टाइल में लापरवाही डायबिटीज का खतरा ज्यादा हो जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पॉल्यूशन के कारण भी डायबिटीज होती है। जहरीली हवा खासतौर पर छोटे छोटे बच्चों को डायबिटिक बना रही है। अमेरिका के सेंट लुई में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन में हुई रीसर्च में ये खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने साढ़े आठ साल तक ऐसे वार वेटरन्स पर रीसर्च की जिनकी फैमली हिस्ट्री में डायबीटीज नहीं था। इन लोगों पर PM 2.5 पार्टिकल्स के असर की स्टडी की गयी। इसमें कई केसेज ऐसे मिले जिन्हें पॉल्यूशन की वजह से डायबीटीज हुआ था। इस स्टडी से पता चला है कि 2016 में दुनिया भर में जितने नए डायबीटीज के केसेज़ सामने आए थे उनमें से 32 लाख लोग सिर्फ पॉल्यूशन की वजह से डायबीटीज के शिकार हुए। ये आंकड...

India from Curzon to Nehru and After (HINDI )-Journalist Durga Das

माननीय दुर्गा दास उस दौर के मशहूर और पेशे को समर्पित साख वाले पत्रकार थे जो न सिर्फ पूरे पचास बरसों तक पत्रकारिता को एक मिशन के रूप में लेते रहे १९२०, १९३० , १९४० आदिक दशकों के संघर्षों के एक सशक्त और निष्पक्ष पत्रकार के रूप में जाने गए हैं। आज़ादी के पूरे आंदोलन की आपने निष्पक्ष रिपोर्टिंग की है.बारीकबीनी की है हर घटना की। आपकी बेहद चर्चित किताब रही है :INDIA from CURZON to NEHRU and AFTER यह बहुचर्चित किताब आज भी ब्रिटिश सेंट्रल लाइब्रेरी ,नै दिल्ली ,में सम्भवतया उपलब्ध है। संदर्भ सामग्री के रूप में इस किताब को अनेक बार उद्धरित किया गया है आज़ादी के लम्बे आंदोलन से जुडी बारीकबीनी इस प्रामाणिक  किताब में हासिल है। इसी किताब से सिलसिलेवार जानकारी आपके लिए हम लाये हैं : १९४० :भारत को  पंद्रह अगस्त १९४७ को मिलने वाली  आज़ादी का निर्णय ब्रितानी हुक्मरानों ने ले लिया  था इस बरस. लार्ड माउंटबेटन को अंतिम वायसराय के रूप में भारत इसी निमित्त भेजा गया था ताकि  सत्तांतरण शांति पूर्वक हो सके। १९४६ :इस बरस भारत में एक अंतरिम सरकार बनाने का फैसला लिया गया।...